STORYMIRROR
होम
श्रृंखला
कहानी
कविता
कोट
ऑडियो
खरीदें
प्रतियोगिताएं
पुरस्कार
अकादमी
हमारे बारे में
हमारे साथ जुडे
संपर्क करें
लॉग इन करें
Sign Up
Terms & Condition
गोपनीयता नीति"
श्रृंखला
कहानी
कविता
कोट
ऑडियो
प्रतियोगिताएं
पुरस्कार
खरीदें
अकादमी
गिवअवे
हमारे बारे में
संपर्क करें
कोट
कोट
किताब प्रकाशित करें
En
English
Hi
हिन्दी
Gu
ગુજરાતી
Ma
मराठी
Or
ଓଡ଼ିଆ
Bn
বাংলা
Te
తెలుగు
Ta
தமிழ்
Ka
ಕನ್ನಡ
Ml
മലയാളം
लाइब्रेरी
नियम और शर्ते
गोपनीयता नीति"
साइनअप
लॉग इन
En
English
Hi
हिन्दी
Gu
ગુજરાતી
Ma
मराठी
Or
ଓଡ଼ିଆ
Bn
বাংলা
Te
తెలుగు
Ta
தமிழ்
Ka
ಕನ್ನಡ
Ml
മലയാളം
फीड
लाइब्रेरी
लिखें
सूचना
प्रोफाइल
क्या आप पुस्तक प्रकाशित करना चाहते है ?
यहाँ क्लिक करें
हिंदी कविता
sswc
आदत
प्यार
बचपनकीकहानी
हिंदी शायरी ✍
जीतेन्द्र गुरदह
उलझन
वक़्त
मैंऔरमेरीकविताएं
अच्छे विचार
कविता कोट्स इन हिंदी
jitendra meena gurdeh
कविता कोट्स
कविता ग़ज़ल sher
महसूल
जीतेन्द्र मीना गुरदह
शायरी
यादें
प्रेम कविता
Hindi
जितेंद्र गुरदह कविता
Quotes
बहुत समझदार है वो लोग जो इशारे से ही इन तीनों शब्दों का अर ...
सच तो चुभता है यार , लोगो के मन में बसना है तो झूट बोलना सी ...
*कविता* छंदों और भाव के रसिक मेल से # कविता का प्रस्फुटन होत ...
सिद्धांतो का चढ़ा हुआ था, जाने कैसा भूत । हार गए हम धीरे-धी ...
मैं अब इस तरह बड़ी हो गई कि अपनी सारी उदासी बिल्कुल उसी तरह ...
याद है तुमको तुमने कहा था तुम्हें कभी भूलेंगे नही, ख़ैर छोड़ो ...
बीता हुआ हर एक समंदर याद आता है मुझको मेरा बचपन बराबर या ...
इंतज़ार है गीत प्यार का इसे हर वक्त गुनगुनाना है उम्र भर इसी ...
दिन भर का महसूल तेरी इक मुस्कान है। जिससे थके जिस्म में आ ज ...
ग़लत फहमियां खा जाती है रिश्तों को अक्सर इंसान ग़लत नही होता। ...
पोशीदा सा हयात जीने का अंदाज़ है मुझ में। लाए लबो पे हँसी वो ...
रोज़-रोज़ नए किरदार निभाए जा रही है कब ख़त्म हो ज़िन्दगी का तमाश ...
मसअला ये नही कि तुम भूल गए मुझे, मसअला ये है कि कैसे भुलाऊँ ...
होगी कभी तो फ़ुरसत हमें भी, हम भी कभी ज़िंदगी जिएंगे। फ़हिमा
जितना सुलझाऊँ उतना उलझती ज़िन्दगी। ख़्वाहिशों की आग में झुल ...
धीरे धीरे बातों को फ़ुरसत हो रही है। तेरे बग़ैर जीने की आदत ह ...
00:00
00:00
Download StoryMirror App